120+ Information & Facts About Spiders In Hindi

Facts About Spiders in Hindi - दोस्तों आज हम आपको इस पोस्ट में मकड़ी (Spider) के बारे में जानकारी देंगे। मकड़ी आर्थ्रोपोडा संघ का एक प्राणी है। यह एक प्रकार का कीट है। इसकी लगभग 40,000 प्रजातियों की पहचान हो चुकी है। इसके चार जोड़े पैर होते है। इसके पेट में एक थैली होती है जिससे एक चिपचिपा पदार्थ निकलता है, जिससे यह जाल बुनता है। यह मांसाहारी जन्तु है। जाल में कीड़े-मकोड़ों को फंसाकर खाता है। तो चलिए अब हम आपको मकड़ी के बारे में रोचक तथ्य (Facts About Spider In Hindi) बताते है।

120 Information & Facts About Spiders In Hindi

मकड़ी से जुड़े हैरान करने वाले तथ्य - Spiders Facts in Hindi

  • उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों (tropical regions) में net-throwing spiders एक छोटा सा सिल्क का जाला बनाते है, जिसे वे अपने शिकार पर फेंकते है।
  • हमिंगबर्ड्स (Hummingbirds) अपना घोंसला बुनने के लिए छोटी लकड़ियाँ और मकड़ी के जाले का रेशम का उपयोग करती है।
  • कुछ दुर्लभ मामलों में कुछ मकड़ियों के काटने से रक्त विकार हो सकता है। जैसे, Brown Recluse Venom मकड़ियाँ लाल रक्त कोशिकाओं के फटने का कारण बन सकती है। इनके काटने से गुर्दे की ख़राबी और पीलिया होने की संभावना भी होती है।
  • मकड़ियाँ अपने जाले को रिसाइकल भी करती है। जब 1 दिन या उसके बाद जाले की चिपचिपाहट खत्म होने लगती है। तब मकड़ी पुराने जाले को बाॅल की तरह इकट्ठा करके उस पर अपने पेट में से एसिड निकाल कर डाल देती है। जिससे वह लिक्विड में बदल जाता है और मकड़ी उसे खा जाती है। और तब फिर से नया जाला बनाती है। इनका मुँह बहुत छोटा होता है इसलिए ये अपने शिकार को भी पहले ऐसे ही पिघलाती है फिर सूप की तरह उसे पी जाती है।
  • कुछ मकड़ियाँ अपने बनाये हुए जाले खा जाती है और फिर उनका पुन: उपयोग करती है।
  • इनकी संख्या इतनी ज्यादा है की ऐसा माना जाता है कि लगभग हर इंसान के तीन फीट की दूरी पर हमेशा एक न एक मकड़ी जरुर होती है।
  • अधिकांश मकड़ियां सिर्फ एक से दो साल तक ही जीवित रहती है। हालांकि, कुछ प्रजातियाँ 20 से अधिक वर्षों तक भी जीवित रह सकते है।
  • एक मादा मकड़ी एक बार में 3,000 से ज्यादा अंडे दे सकती है और इसके एक अंडे में मनुष्य से 4 गुना ज्यादा DNA होता है। एक अकेली मकड़ी से कई देशों की जनसंख्यां जितना डीएनए प्राप्त किया जा सकता है।
  • मकड़ी, घोंघे और झींगे के खून का रंग नीला होता है क्योंकि इनके खून में लोहे की जगह ताम्बा पाया जाता है।
  • सभी प्रजातियों में से केवल आधी ही जाला बुन पाती है। इनका जाला बाइक के व्हील की तरह दिखता है। एक मकड़ी को जाला बनाने में करीब 60 मिनट लगते है। कुछ मकड़ियाँ तो हर रोज रात को नया जाला बुनती है जबकि कुछ पुराने को ही रिपेयर कर लेती है। फिर इसके बीच में बैठकर अपने शिकार का इंतजार करती है।
  • नींद में मकड़ी खाने के चांस 0% है।
  • मकड़ी के खून का रंग नीला होता है।
  • सभी मकड़ियां के शरीर से रेशे निकलते है, लेकिन सभी मकड़ियां जाले नहीं बनाती।
  • अंटार्कटिका को छोड़कर हर महाद्वीप पर मकड़ियाँ पाई जाती है।
  • ज्यादातर मादा मकड़ियाँ पुरुष मकड़ियों से बड़ी होती है।

Amazing Facts About Spiders In Hindi

  • सॉल्टिसिड्स (कूदने वाली मकड़ियां) की कुछ प्रजातियाँ ऐसी किरणों को भी देख सकतीं है जिन्हें हम मनुष्य अपनी आँखों से नही देख सकते है। कुछ को UVA और UVB किरणों को देखने में भी सक्षम होती है।
  • मकड़ी के जाले में मक्खियाँ और अन्य कीड़े फंस जाते है क्योंकि यह बहुत ही चिपचिपा होता है। ऐसे में आपके दिमाग में एक सवाल यह जरूर आता होगा की आखिर मकड़ियाँ खुद के जाल में क्यों नही फंसती? तो इसका जवाब है की मकड़ी के जाले का हर हिस्सा चिपचिपा नही होता, ये जिससे हिस्से पर बैठतीं है उसे अलग प्रकार के रेशम से बनाती है जिसमे चिपचिपापन नही होता है।
  • मकड़ियों को ज्यादा दूर का नही दिखाई देता। लेकिन कुछ प्रजातियाँ वो लाइटें भी देख सकती है जो मनुष्य भी नही देख सकता। जैसे:- UVA & UVB Light.
  • मकड़ियाँ ‘Hydraulic Power’ की वजह से चल पाती है। इनकी रीढ्ढ की हड्डी नही होती।
  • मकड़ी का जाला दुनिया की सबसे मजबूत चीजों में से एक है। ये सामान वजन की स्टील से 5 गुना मजबूत होता है। हमारें पास अभी तक ऐसी कोई तकनीक नही आई है जिससे इतनी मजबूत चीज बनाई जा सके। यदि इसे इकट्ठा करके पेंसिल जितनी मोटी रस्सी बनाई जाए तो यह उड़ते हुए बोइंग 747 विमान को भी रोक सकता है। आपको बता दें, इस विमान की टाॅप स्पीड 988km/h है।
  • अधिकतर मकड़ियों में जहर नही होता लेकिन इनकी कुछ प्रजातियाँ होती है जो की विषैले होते है और इनके काटने से शरीर में जहर फ़ैल सकता है। हालांकि ऐसी मकड़ियाँ बहुत ही कम पायी जाती है।
  • फ़नल वेब स्पाइडर नाम की मकड़ी एक आक्रामक मकड़ी है जो लोगों पर हमला करती है और काटती है। इसका जहर सिर्फ 15 मिनट में जान ले सकता है। लेकिन इससे डरने की जरुरत नही है, क्योंकि अब इसके जहर से बचने के लिए एक एंटीवेनम बना लिया गया है।
  • हम मनुष्यों के शरीर में मांसपेशियां बाहर और हड्डियाँ अंदर की तरफ होती है, लेकिन मकड़ियों में यह उल्टा होता है उनके शरीर के अंदरूनी हिस्से में मांसपेशियां होती है जबकि कंकाल बाहर की तरफ होता है। एक मकड़ी का कंकाल उसकी मांसपेशियों की सुरक्षा करता है।
  • सैकड़ों साल पहले, लोग अपने घावों पर मकड़ी के जाले लगाते थे क्योंकि उनका मानना ​​था कि यह रक्तस्राव को रोकने में मदद करेगा। अब वैज्ञानिकों ने रिसर्च के बाद यह पता लगाया है कि रेशम में विटामिन-के होता है, जो रक्तस्राव को कम करने में मदद करता है।
  • मकड़ी के रेशम ग्रन्थि से निकलने वाला रेशम तरल होता है, लेकिन हवा के संपर्क में आते ही यह कठोर हो जाता है। कुछ मकड़ियों के शरीर में सात प्रकार की रेशम ग्रंथियाँ होती है, प्रत्येक एक अलग प्रकार का रेशम बनाती है – जैसे चिकनी, चिपचिपी, सूखी, या खिंचाव वाली।
  • क्या आपको पता है मकड़ियां पक्षियों और चमगादड़ों की तुलना में अधिक कीड़े खाते है।
  • मकड़ियों के दांत नहीं होते, इसलिए वे अपने भोजन को चबा नहीं पाते है। वे अपने खाने को काटते या निगलते नही है बल्कि उनके अंदर एक प्रकार के पाचक रस को भरते है और फिर उसे चूस लेती है।
  • मकड़ी की लगभग सभी प्रजातियाँ मनुष्य के लिए थोड़ी बहुत हानिकारक होती है। लेकिन इनके काटने से बहुत कम मौतें हुई है। किसी मकड़ी के काटने से आखिरी मौत 1981 में आस्ट्रेलिया में हुई थी।
  • मकड़ियों की एक प्रजाति ‘Jumping Spider’ अपनी लंबाई से 50 गुना ऊपर तक कूद सकती है। यह इसलिए संभव हो पाता है क्योंकि इसके पिछले अंगो में ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा रहता है। यदि मनुष्य इतना ऊँचा कूद पाता तो इसकी ऊँचाई 230 फीट होती।
  • मकड़ियाँ सभी जगह पाई जाती है। ध्रुवीय प्रदेशों से लेकर भूमध्य रेखा के गर्म प्रदेशों के साथ ही पर्वतों और खाड़ियों में भी ये पाई जाती है।

Spider Facts In Hindi

  • मनुष्य का वजन मकड़ी के वजन का 25000 गुना होता है।
  • कीट (insect) और मकड़ी (spider)में सबसे बड़ा अंतर यह होता है कि कीट (insect) के 6 पैर होते है, जबकि मकड़ी के 8.
  • नर मकड़ियाँ एक छोटा “sperm web” बनाकर उस पर अपने वीर्य की एक बूंद गिरा देते है। फिर उस वीर्य की बूंद को अपने पेडिप्लप्स (pedipalps) से चूसते है। इस pedipalps के द्वारा वे मादा मकड़ी के शरीर में शुक्राणु (sperm) पहुँचाते है।
  • पर्वतारोही जैसे रस्सी से चिपके रहते है उसी तरह, मकड़ियाँ भी अपने जाले से चिपकी रहती है जिससे वह नीचे गिरने से बच जाती है और रस्सी की तरह इसके सहारे वापिस ऊपर चढ़ जाती है इसे ‘Draglines’ कहते है। मकड़ियाँ उड़ नही सकती लेकिन वो अपने जाले की मदद से हवा में कई मीटर तक जरूर तैर सकती है इसे ‘Ballooning’ कहते है।
  • अमेरिका के डिफेंस डिपार्टमेंट के वैज्ञानिक ‘Gold Orb’ नाम की मकड़ी के जाले की नकल बनाने की कोशिश कर रहे है। वो इसे बुलेट प्रूफ जैकेट में प्रयोग करना चाहते है।
  • मकड़ियों से लगने वाला डर एक बहुत ही आम डर है इसे “Arachnophobia” कहते है। दुनिया के 10% आदमी और 50% औरतों को मकड़ियों से डर लगता है।
  • ‘Goliath Birdeater’ दुनिया की सबसे बड़ी मकड़ी है वजन और साइज के हिसाब से और ‘Huntsman’ दुनिया की सबसे बड़ी मकड़ी है टाँगो के हिसाब से। इसकी टाँगे लगभग 12 इंच लंबी होती है। ये चूहे, छिपकली से लेकर पक्षी तक को खा सकती है। ये दोनों मकड़ी डिनर प्लेट के साइज की है।
  • मकड़ियों के पास ऐसी ग्रंथिया होती है जो रेशम बनाती है। ये कुल 7 तरह के रेशम का उत्पादन कर सकती है जिसकी मोटाई 0.003 मिमी होती है।
  • एक मकड़ी के 48 घुटने होते है। इसकी कुल 8 टाँगे होती है और प्रत्येक टाँग पर 6 जोड़ होते है। 8×6=48. हो गई।
  • मकड़ियाँ पानी पर चल सकती है और उसके अंदर साँस भी ले सकती है। यह अपने आठों पैरों को फैलाकर अपने वजन को बराबर बाँट लेती है जिससे पानी का surface tension नही टूट पाता और इन्हें पानी पर चलने में आसानी हो जाती है।
  • दक्षिण-पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका में पाई जाने वाली Brown Recluse Spider का डंक सबसे खतरनाक होता है, क्योंकि प्रारंभ में ये दर्द रहित होता है। इसलिए काटे जाने पर यह व्यक्ति को महसूस ही नहीं होता। लेकिन बाद में ये बहुत दर्दनाक हो जाता है। इतना कि बिना इलाज के व्यक्ति मर भी सकता है।
  • हवाई (Hawaii) में एक ऐसी मकड़ी है, जिसे देखकर लगता है मानो वो मुस्कुरा रही है। उसे “Hawaiian Happy-Face Spider” नाम दिया गया है। लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि हंसमुख दिखने वाली यह मकड़ी पर विलुप्त होने का ख़तरा मंडरा रहा है।
  • घरों में पाए जाने वाली अधिकांश मकड़ियों घर के अंदर के जीवन के इतने अनुकूल हो जाती है कि उनके बाहर के वातावरण में जीवित रह पाने की संभावना बहुत कम होती है।
  • जब एक wheel spider डर जाती है, तो अपने पैरों को अंदर की ओर सिकोड़ लेती है और रेत पर लुढ़क जाती है।
  • मकड़ियाँ जीवों का एकमात्र समूह है, जो जाले बनाते है। लाखों वर्षों में जाले विभिन्न प्रकारों में विकसित हुए है, जैसे कि चादरें, सीढ़ीनुमा, उलझे हुए और गोलाकार जाले। हालांकि, अधिकांश लोगों का सोचना है कि मकड़ी के जाले बस गोलाकार होते है।
  • Darwin bark spider द्वारा बनाये गए जाले बेहद विशाल और मजबूत होते है। ये विशाल जाले नदी, नालों और झीलों में फैल सकते है और ये Kevlar (एक प्रकार का Synthetic Fiber) से 10 गुना अधिक मजबूत होते है।
  • Bird-dropping spider को यह नाम इसलिए दिया गया क्योंकि यह पक्षी के मल की तरह दिखती है। इसके ऐसे छलावरण के कारण पक्षी इसे नहीं खाते।
  • दुनिया में सबसे विषैली मकड़ी Brazilian Wandering Spider या Banana Spider है। ये आक्रामक मकड़ी भोजन की तलाश में मध्य और दक्षिण अमेरिका के ऊँचे जंगलों में भटकती रहती है। इसके विष की थोड़ी सी मात्रा मानव की मौत के लिए पर्याप्त है।
  • कीड़ों (insects) के विपरीत मकड़ियों में antennas (कीड़ों की मूछें या स्पर्श सूत्र) नहीं होते।
  • मकड़ी का जाल चिपचिपा होता है क्योंकि मकड़ी उस पर गोंद की तरह चिपचिपे पदार्थ की बूंदे जमा करती है। ये बूंदें बाल के व्यास से तीन गुना पतली होती है। वैज्ञानिकों के अनुसार ये chewing gum की तरह होती है, जो खिंचती चली जाती है।

मकड़ी के बारे में रोचक तथ्य - Facts About Spider In Hindi

  • क्रैब मकड़ी जगह के हिसाब से अपना रंग बदल सकती है, जंपिंग मकड़ी बहुत ऊँचाई तक कूद सकती है, वुल्फ मकड़ी 2 फीट प्रति सैकेंड की रफ़्तार से दौड़ सकती है, स्टीगोडाईफस नामक रेगिस्तानी मकड़ी अपने बच्चों को खुद की उल्टी खिलाती है और मादा ब्लैक विडो मकड़ी सेक्स करने के बाद अपने साथी को ही खा जाती है।
  • कुछ मकड़ियाँ बिल्कुल काम नही करती। ये बड़ी-बड़ी कलोनियों में रहती है और अपने जाल को साझा करती है। ये आपस में खाना भी चुराती है।
  • मकड़ी मांसाहारी जीव है। बघीरा किपलिंगी (Bagheera kiplingi) ही दुनिया की एकमात्र मकड़ी है, जो शाकाहारी है।
  • विशालकाय ट्रेपडर मकड़ियों (Giant Trapdoor Spiders) को जीवित जीवाश्म माना जाता है, क्योंकि वे उन मकड़ियों के समान है, जो 300 मिलियन वर्ष पूर्व पाई जाती थीं. ये दक्षिणपूर्वी एशिया, चीन और जापान में पाई जाती है और इनकी लंबाई पैरों को मिलाकर 4 इंच से अधिक होती है।
  • मकड़ियों की गिनती कीड़ो में नही होती, बल्कि ये बिच्छू की तरह arachnid (अष्टपाद) फैमिली से संबंध रखती है।
  • आपके घर में जितनी मकड़ियाँ है उनमें से 95% ने तो बाहरी दुनिया देखी ही नही।
  • एक एकड़ जमीन पर लगभग 10 लाख मकड़ी होती है। ऐसा माना जाता है, कि कोई इंसान मकड़ी से 10 फीट से ज्यादा दूर नही जा सकता।
  • मकड़ी, चींटीयों से डरती है क्योंकिं इनमें formic acid पाया जाता है।
  • जब मकड़ी चलती है तो किसी भी एक moment पर हमेशा उनकी चार टाँगे हवा में रहती है और चार जमीन पर।
  • एक मकड़ी एक साल में लगभग 2000 कीड़े खाती है और सभी मकड़ियाँ एक साल में लगभग ब्रिटेन की कुल आबादी के वजन जितने कीड़े खाती है। इतना तो सभी पक्षी और सभी चमगादड़ मिलकर भी नही खाते।
  • कुछ मकड़ियाँ अपने शिकार को पकड़ने के लिए जाले का इस्तेमाल नहीं करती. बल्कि वे चिपचिपे गोंद का निर्माण करती है और उसे अपने fangs से बाहर फेंकती है।
  • अधिकांश मकड़ियों का जीवन काल लगभग एक वर्ष होता है। हालांकि, कुछ tarantulas (एक प्रकार की बड़ी विषैली मकड़ी) 20 वर्ष से भी ज्यादा जीती है।
  • एक टारेंटयुला (tarantulas) अपने विष से मात्र 2 दिनों में एक चूहे के शरीर का मांस पिघला सकती है।
  • केवल मादा black widows spider का काटना खतरनाक होता है। नर black widows spider मादा की तुलना में आकार में बहुत छोटे होते है और मनुष्यों के लिए हानिरहित होते है।
  • मकड़ी का विष साँप के विष की अपेक्षा अधिक महंगा होता है। रूस के एक गाँव में मकड़ी के विष का मूल्य 20,000 रूबल है।
  • स्पाइडर मैन (Spider-Man) सबसे लोकप्रिय सुपरहीरो में से एक है। शुरूवाती कॉमिक्स में, पीटर पार्कर को काटने वाले रेडियोधर्मी मकड़ी को गलत तरीके से कीट (insect) के रूप में दर्शाया गया था।
  • जापान, अफ्रीका, दक्षिण अमरीका और उत्तरी अमरीका में पाई जाने वाली चोर दरवाज़ा मकड़ी (trap door spider) दूसरी मकड़ियों की तरह जाल बनाकर नहीं रहती. बल्कि ये आजीवन मिट्टी के भीतर चोर दरवाज़े जैसा बिल बनाकर रहती है। इसमें रहकर वे घात लगाकर अपने शिकार का इंतज़ार करती है और पास से गुज़रने पर उसे पकड़ लेती है।
  • मकड़ी के काटने का प्रभाव कई कारकों पर निर्भर करता है, जिसमें इंजेक्ट की गई विष की मात्रा, काटने वाले व्यक्ति का आकार और उम्र सम्मिलित है। बच्चे और बुजुर्ग मकड़ी के विष के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते है।
  • Black Widow Spider का विष नसों द्वारा मांसपेशियों को प्रेषित वाले संकेतों को अवरुद्ध कर देता है। जिससे मांसपेशियाँ बार-बार संकुचित होने लगती है और उनमें प्रायः दर्द बना रहता है। Black Widow Spider के काटने से अन्य तंत्रिका संबंधी समस्याएं (nerve-related problems) भी हो सकती है, जैसे उच्च रक्तचाप, बेचैनी और चेहरे की ऐंठन।
  • मकड़ियों की लगभग 46,000 ज्ञात प्रजातियां है। वैज्ञानिकों का मानना ​​है इनकी और भी कई सारी प्रजातियाँ हो सकतीं है।

मकड़ी के बारे में रोचक जानकारी – Information about Spiders in Hindi

  • एक स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र के लिए मकड़ियाँ बहुत ही महत्वपूर्ण है। वे हानिकारक कीड़े खाते है, पौधों के परागण में सहयोगी होते है, और मृत जानवरों और पौधों को मिट्टी में बदलते है। वे कई छोटे स्तनधारियों, पक्षियों और मछलियों के लिए एक बहुमूल्य खाद्य स्रोत है।
  • घरों में पाए जाने वाली अधिकांश मकड़ियां बाहर जिन्दा नही रह सकतीं, क्योंकि उन्होंने घर के अंदर अपना जीवन अनुकूलित कर लिया है।
  • मकड़ी की एक प्रजाति जिसे डाइविंग बेल स्पाइडर कहा जाता है, अपनी पूरी ज़िन्दगी पानी के अंदर बिताता है। इनकी शरीर की बनावट की वजह से ये ऐसा कर पाते है। यह ऑक्सीजन के लिए सतह से हवा के बुलबुले बना कर उन्हें इक्कठा करते है और उन्हें अपनी पीठ पर लाद कर रखते है।
  • मादा मकड़ी एक समय में 3,000 से अधिक अंडे दे सकती है।
  • मकड़ी की मांसपेशियाँ पैरों को अंदर की तरफ तो मोड़ सकती है, लेकिन फिर से पैरों को सीधा करने के लिए उसे पानी की तरह एक प्रकार की तरल पैरों में पंप करना पड़ता है। यही वजह है की एक मृत मकड़ी के पैर हमेशा मुड़े हुए होते है क्योंकि मरने के बाद उसके शरीर से यह तरल खत्म हो चुका होता है।
  • घरों में रहने वाली मकड़ियों के पैर में छोटे-छोटे बाल होते है जिनकी वजह से वे दीवारों में चल सकती है। लेकिन घर के बाहर रहने वाली कुछ मकड़ियाँ ऐसी भी होती है जो अपने पैर की बनावट की वजह से दीवारों पर नही चढ़ पाती है।
  • मकड़ियों को सुनने और सूंघने में उनके पैरों के छोटे-छोटे बाल उनकी मदद करते है।
  • अधिकांश मकड़ियों की आठ आंखें होती है और वे एक-दुसरे के बहुत नज़दीक होती है।
  • मकड़ियाँ उड़ नहीं सकती, लेकिन वे कभी-कभी अपने रेशम के माध्यम से झूलते हुए दिखाई देती है।
  • गोलियत मकड़ी (थेरोफोसा ब्लॉन्डी) विश्व की सबसे बड़ी मकड़ी है। यह 11 इंच तक चौड़ा हो सकता है, और इसके नुकीले पैर एक इंच तक लंबे होते है। यह मेंढक, छिपकली, चूहे और यहां तक ​​कि छोटे सांप और पक्षियों का भी शिकार कर सकती है।
  • पृथ्वी पर जनसंख्या की बात करें, तो मकड़ियाँ 7वें नंबर पर आती है।
  • मकड़ी, 40 करोड़ साल से धरती पर रह रही है। जो बहुत लंबा समय है। कुछ मकड़ियों की उम्र 1 साल जबकि कुछ की उम्र 20 साल होती है।
  • कुछ प्रजातियों में, नर मकड़ी का आकार मादा मकड़ी से बहुत छोटा होता है।
  • नर मकड़ी के पास लिंग नही होता बल्कि ये चेहरे के साथ सेक्स करते है।
  • मकड़ी के जालें में Vitamin K होता है जो खून का थक्का जमाने में सहायता करता है। प्लास्टर के अविष्कार से पहले लोग मकड़ी के जाले से ही खून रोकते थे।
  • यदि एक मकड़ी तेजी से भागती हुई दिखे तो इस बात के बहुत ज्यादा चांसेस है कि वो सेक्स करने के लिए साथी ढूंढ रही है।
  • मकड़ियों की 2 प्रजातियाँ 23,000 फीट की ऊँचाई पर भी पाई गई है। इतनी ऊँचाई पर ऑक्सीजन की कमी की वजह से पौधे भी थोड़े से पाए जाते है।
  • ‘Patu digua endemic’ दुनिया की सबसे छोटी मकड़ी है। इसकी लंबाई सिर्फ 0.37 मिमी है। ये इतनी छोटी होती है कि, पेंसिल के पिछली हिस्से पर ऐसी 10 मकड़ियाँ आ सकती है।
  • दुनिया में सबसे घातक मकड़ियों में black widow, funnel web और brown recluse spiders शामिल है। दुनिया में डरावनी मानी जाने वाली मकड़ियों में से एक टारेंटयुला (tarantula) है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से इसका विष ज्यादा विषैला नहीं होता और इसका डंक ततैया के डंक के समान महसूस होता है।
  • मकड़ी के जाले निष्क्रिय जाल नहीं होते। इनकी सतह पर electrically conducive glue फैला होता है, जिसके कारण ये अपने शिकार की ओर लपकती है। वैज्ञानिकों ने यह भी पाया कि जाले पर फैला गोंद जाले के कुछ मिलीमीटर के आसपास के क्षेत्र के पृथ्वी के विद्युत क्षेत्र (Earth’s electric field) को विकृत भी कर देते है।
  • कुछ नर मकड़ियाँ मादा मकड़ियों को मरी हुई मक्खियाँ को उपहार के देते है।
  • अधिकांश मकड़ियाँ अकेले रहती है। वे मकड़ियों से संभोग के लिए ही मिलती है। लेकिन मकड़ियों की कुछ प्रजातियाँ सामाजिक होती है और समूहों में रहती है। अफ्रीका में पाई जाने वाली सामाजिक मकड़ियाँ जैसे कि Stegodyphus Spider अपने जाल से पूरे पेड़ को ढक देती है।
  • Wolf spiders 2 फीट/सेकंड की रफ़्तार से दौड़ सकते है।
  • मच्छरों की तरह मकड़ियाँ मानव रक्त नहीं पीती। जब तक ख़तरा न हो, वे मानव को नहीं काटती। आमतौर पर सोते हुए मनुष्यों को नहीं मकड़ियाँ नहीं काटती।
  • मकड़ियों के विष का औषिधि उद्योग में विशेष महत्त्व है। इसका इस्तेमाल दवाईयाँ, सिरप और टीके बनाने में होता है।
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