[100+] गौरैया के बारे में रोचक तथ्य - Facts About Sparrow in Hindi

Information & Facts About Sparrow in Hindi - दोस्तों आज हम आपको इस पोस्ट में गौरैया के बारे में रोचक तथ्य और जानकारी बताएंगे। यह एक बहुत ही प्यारा पक्षी है। जिसे आप आसानी से अपने घरों के पास आसानी से देख सकते हो। तो चलिए जानते है Information & Facts About Sparrow in Hindi.

गौरैया के रोचक तथ्य - About Sparrow in Hindi

चिड़ियों के बारे में गजब की बातें - Information & Facts About Sparrow in Hindi

  • गौरैया एक ऐसी पक्षी है, जो संपूर्ण भारतवर्ष के अलावा एशिया और यूरोप महादेश में भी पाया जाता है। यह बहुत आकर्षक होती है। यह हमेशा कुछ न कुछ करती रहती है। इसकी ची-ची की आवाज बहुत ही मधुर होती है।
  • यह पक्षी भारत में ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य रूप से पाया जाता है। यह गांव के कच्चे मकान में, पेंड़ो पर इत्यादि जगह घोंसला बनाकर रहती है । यह खेतों में मौजूद कीट पतंगों को खाकर किसानों को कीट पतंगों से राहत दिलाती है।
  • यही कारण है कि गोरैया को किसान प्रेमी पक्षी कहा जाता है। आमतौर पर गौरैया शहरों में कम पाया जाता है। यह पक्षी हमेशा झुंड में रहना पसंद करती है।
  • आमतौर पर हमारे स्थानीय भाषा में नर गौरैया को ‘चिड़ा’ और मादा गौरैया को ‘चिड़ी’ कहा जाता है। यह अपने छोटे से पंख की सहायता से बहुत तेजी से उड़ती है।
  • वर्तमान समय में विश्व स्तर पर इसकी संरक्षण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्हीं महत्वपूर्ण कदमों में से एक वैश्विक स्तर पर 20 मार्च को ‘वर्ल्ड स्पैरो डे’ को मनाना है।
  • भारत सरकार भी इस पक्षी के संरक्षण में कोई कोर कसर नहीं छोड़े हुए हैं। यही कारण है कि गोरैया को बिहार और दिल्ली सरकार द्वारा राजकीय पक्षी घोषित किया गया है।
  • अभी तक हुए खोज के अनुसार दुनिया भर में गौरैया के लगभग 43 प्रजातियां है।सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि नर और मादा गोरैया में रंग के आधार पर अंतर किया जा सकता है।
  • दोस्तों भले ही चिड़ियों की गिनती पानी के पक्षियों से नहीं होती लेकिन इनमे तैरने की शकती भी पाई जाती है।
  • चिड़िया जब उदास होती है तो अपने तनाव को कम करने के लिए अपने मुहं को बार बार झटकती हैं।
  • दोस्तों चिड़िया करीब तीन साल तक जीवित रहती है लेकिन अगर चिड़ियों को कैद करके रखा जाए तो ये 12 से 14 साल तक जीवित रह सकती है लेकिन एक ऐसा चिड़िया है जो 23 साल तक जीवित रहा था और ये अबतक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।
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About Sparrow in Hindi । गौरैया के बारे में

  • चिड़िया की कुछ प्रजातियां पहाड़ी इलाकों में पाई जाती है।
  • यह तो हम सभी जानते हैं कि, गौरैया एक छोटी-सी पक्षी होती है। इसके 2 आँख, दो पंख और एक छोटा-सा चोंच होता है। इसके शरीर की संरचना बहुत ही आकर्षक होती है।
  • इसके दो छोटे पंख उड़ने में गौरैया को मदद करती है। इसके आंख के चारों ओर का रंग काला होता है ।इस छोटी-सी पक्षी का आकार मात्र 16 सेंटीमीटर होता है और वजन 25 से 40 ग्राम के बीच होता है।
  • यह अपने पंखों की सहायता से 25 मील प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ सकती है।
  • सबसे खास बात तो यह है कि अंडे से बच्चे निकलने के लगभग 15 दिन बाद ही बच्चा अपना भरण-पोषण खुद करने लगता है। जिस कारण नर और मादा गौरैया उस घोसले को छोड़ देती है।
  • गौरैया की सबसे बड़ी विशेषता तो यह है कि यह पानी में तैरने में सक्षम होती है। इतना ही नहीं बल्कि गौरैया की आंख के रेटिना में 4 लाख फोटोरिसेप्टर प्रति वर्ग मिली मीटर होती है।
  • आमतौर पर घोंसला बनाने का जिम्मेदारी नर गौरैया पर होता है। जिस से आकर्षित होकर मादा गौरैया उसमें आकर अंडे देती है। गौरैया के निवास स्थान में आज वर्तमान समय में भारी कमी आई है।
  • गौरैया प्राकृतिक रूप से मांसाहारी होती है। परंतु लंबे समय तक मनुष्य के संपर्क में रहने के कारण अब यह सर्वाहारी की श्रेणी में आ गई है, क्योंकि गौरैया मांसाहारी और शाकाहारी दोनों प्रकार की भोजन ग्रहण करती है।
  • जहां तक गौरैया की भोजन की बात है तो गौरैया कीट-पतंगे, अनाज, फल, बीज, दाना इत्यादि खाती है, बिल्ली, कुत्ता, लोमड़ी, सांप इत्यादि जीव इस नन्हीं सी पक्षी का शिकार कर लेता है।
  • वैसे गौरैया बहुत छोटी होती है।इस कारण इसे बहुत कम भोजन की आवश्यकता होती है। परंतु फिर भी यह अपने भोजन की तलाश में कई-कई किलोमीटर तक की सफर तय कर सकती है।
  • गौरैया के कुछ प्रजातियों के नाम इस प्रकार है – सिंड स्पैरो, ट्री स्पैरो, डेड सी स्पैरो, हाउस स्पैरो, रसेट स्पैरो, स्पेनिश स्पैरो इत्यादि।गौरैया के उपयुक्त सभी प्रजाति दुनिया के अलग-अलग भागों में पाया जाता है जो एक दूसरे से कुछ ना कुछ भी अवश्य होते हैं।
  • जहां तक गौरैया की रंग की बात है तो, गौरैया मुख्य रूप से हल्के भूरे एवं सफेद रंग की होती है। इतना ही नहीं बल्कि गौरैया के पैर, पंख और चोंच पीले रंग का होता है।
  • सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि, हम नर एवं मादा गोरैया में (Sparrow in Hindi) रंग के आधार पर ही अंतर कर सकते हैं, क्योंकि मादा गोरैया के शरीर का रंग भूरा होता है।
  • नर गौरैया के शरीर का रंग तंबाकू के रंग जैसा होता है और गर्दन पर काले रंग की पट्टी होती है। यह अपने रंग के कारण बहुत ही आकर्षक दिखती है।
  • दुनिया में सबसे ज्यादा चिड़िया पूर्व एशिया में पाई जाती है।

sparrow facts in hindi

  • यह कीट-पतंगे, दाना ,बीज ,फल ,अनाज इत्यादि खाती है।
  • आमतौर पर मादा गौरैया 1 साल में 3 से 5 अंडे देती है। इतना ही नहीं बल्कि अंडा से बच्चा निकलने में 12 से 15 दिन का समय लग जाता है।
  • गोरैया अपना तनाव दूर करने के लिए अपना पूंछ को हिलाती रहती है। यह पक्षी फूस यानी खरपतवार से बने घरों में रहना अधिक पसंद करती है।
  • हम आज भी इसके घोंसले को ग्रामीण घरों में देख सकते हैं। वैसे तो आम भाषा में नर गुड़िया को ‘चिड़ा’ और मादा गुड़िया को ‘चिड़ी’ कहा जाता है। पिछले कुछ दशकों से गौरैया की संख्या में काफी कमी आई है।
  • दोस्तों चिड़िया फसलों में पाए जाने वाले कीड़ो को खाकर फसलों को कीड़ों से बचाती हैं लेकिन अब फसलों में कीड़ों की नाशक दवाइयों का इस्तेमाल होने से इनकी मौत हो जाती है।
  • चिड़िया की घटती आबादी के पीछे सबसे बड़ा कारण है मोबाइल टावर है क्योंकि मोबाइल टावर की रेडिएशन की वजह से चिड़ियाँ के अंडे जल्दी नहीं फूटते हैं दोस्तों आमतौर पर अंडे देने के 12 से 15 दिन में चिड़िया के बच्चे बाहर आ जाते हैं लेकिन मोबाइल टावर के पास अंडा फूटने में एक महीने का समय लग जाता है।
  • चिड़िया 46 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से उड़ सकती है लेकिन खतरे के समय इनकी रफ़्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाती है।
  • दोस्तों हाउस स्पैरो का वजन 24 से 40 ग्राम और यूरेशियन पेड़ स्पैरो का वजन 24 ग्राम और चेस्टनट स्पैरो का वजन 12 से 17 ग्राम होता है ।
  • यह पक्षी औसत रूप से 35 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ सकती है। इस पक्षी के विलुप्त होने का सबसे मुख्य कारण मोबाइल टावरों से निकले तरंगे है। क्योंकि यह तरंगे इनके मस्तिष्क पर सीधा असर करता है।
  • अगर हमारे वातावरण के लिए गौरैया की महत्ता (Importance of Sparrow) की बात की जाय तो, यह हमारे वातावरण के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण पक्षी है।
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Sparrow Information in Hindi

  • गौरैया एक नन्ही-सी पक्षी है, जो मात्र 14 से 16 सेंटीमीटर की होती है। साथ ही साथ इसका वजन 25 से 40 ग्राम की बीच होता है। गौरैया अपने छोटे से पंख को बहुत तेजी से फड़फड़ाती है।
  • जिससे यह पक्षी बहुत ही तेज गति से उड़ पाती है। गोरैया औसतन 35 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकती है। यह पक्षी हमेशा झुंड में रहना पसंद करती है।
  • क्षेत्रों में गौरैया को रहने का निवास स्थान आसानी से मिल जाता है।
  • अब कुछ सालों से यह पक्षी शहरी इलाकों से पूर्णत: गायब हो चुकी है। इसका मुख्य कारण शहरी इलाकों में बदलते वातावरण और उपयुक्त परिस्थिति के नष्ट होने को माना जाता है।
  • यह पक्षी ग्रामीण क्षेत्रों में किसान प्रेमी होती है। आमतौर पर यह पक्षी कीड़े-मकोड़े, दाना, अनाज इत्यादि खाती है। यह छोटी सी पक्षी बहुत तेजी से अपना पंख फड़फड़ाती है। जिस कारण यह बहुत तेजी से उड़ती है। गोरैया का वजन (weight of sparrow) 50 ग्राम से भी कम होता है।
  • यह पक्षी जमीन पर चलने के बजाय उछल- उछल कर चलना अधिक पसंद करती है।
  • 20 मार्च को संपूर्ण विश्व में “World Sparrow Day” मनाया जाता है। यह पक्षी हमारे पारिस्थितिक तंत्र के लिए आवश्यक ही नहीं बल्कि अनिवार्य है।
  • आमतौर पर यह पक्षी अपने भोजन की तलाश में कई किलोमीटर दूर तक जा सकती है। इस पक्षी को बिल्ली,सांप ,कुत्ते ,लोमड़ी इत्यादि खा जाते हैं।
  • गोरैया का आम तौर पर आयु काल 4 से 7 वर्षों का होता है। यह बहुत ही फुर्तीला पक्षी है । गोरैया हमेशा अपने पूंछ को हिलाती रहती है। दुनिया भर में गोरैया के कई प्रजातियां पाई जाती है।
  • इसके शरीर का रंग बहुत ही आकर्षक होता है। अगर के गौरैया रंग की बात जाय तो, यह हल्के भूरे और सफेद रंग की होती है। इसके साथ ही साथ इसका चोंच पीले रंग का होता है।
  • शहर में अब यह पक्षी लगभग विलुप्त हो चुकी है। इसका मुख्य कारण शहरों में बने बड़े-बड़े उद्योग, कारखाने ,बिल्डिंग ,वायु प्रदूषण ,मोबाइल टावर से निकले तरंगे इत्यादि को माना जाता है।

Amazing Facts About Sparrow in Hindi

  • गौरैया पहाड़ी इलाकों में कम देखने को मिलती है। गौरैया एक ऐसी पक्षी है जिनमें नर और मादा अलग-अलग दिखते हैं। आमतौर पर नर गोरैया दिखने में ज्यादा आकर्षक होता है।
  • गौरैया उन पक्षियो (Sparrow in Hindi) में शुमार हैं। जिसे लोग काफी पसंद करते है। भारत में ग्रामीण क्षेत्रों में इस पक्षी के मांस को खाया जाता है। इस की घटती संख्या का एक कारण यह भी है।
  • गौरैया दिखने में बहुत छोटी होती है। भारत में यह पक्षी ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर पाया जाता है। वैसे तो यह पक्षी संपूर्ण विश्व में पाया जाता है। परंतु भारत इसका प्रमुख निवास स्थान में से एक है।
  • यह पक्षी दिखने में भी काफी आकर्षक होती है। हम आज भी इस छोटे से पक्षी को ग्रामीण क्षेत्रों में आसानी से देख सकते हैं। भारत में यह पक्षी कीटों को खा कर किसानों की मदद करती है।
  • घरों में चीं – चीं करती नन्ही चिड़िया (Sparrow) अब लगभग विलुप्त हो चुकी है।
  • पुराने समय में चिड़िया का कच्चे घर की मोरी , गाडर के बीच आदि घोंसला हुआ करता था।
  • गौरया (Sparrow) अधिकतर झुंडों (Herds) में पाई जाती है।
  • गौरया सफ़ेद और हल्के भूरे रंग में पाई जाती है इसकी चोंच पीली और छोटे –छोटे पंख इसे सुंदर बनाते हैं।
  • इसका रहन बसेरा मनुष्य के घरों में जा इसके आस-पास ही होता है।
  • चिड़िया आज के समय का संकट ग्रस्त पक्षी है जो तेज़ी से अलोप (Vanish) हो रहा है।
  • लगभग हर साल 1000 पक्षी शीसे वाली खिड़कीयों से टक्कर होने के कारण मारे जाते हैं।
  • विश्व में पक्षियों की 8650 प्रजातियाँ हैं जिन में से 1230 भारत में पाई जाती हैं।
  • सामुद्रिक चिड़िया एक ऐसा पक्षी है जोकि खारा पानी भी पी सकता है। क्योंकि इसकी शारीरिक प्रणाली ऐसी है कि वह खारे पानी को शुद्ध कर देती है।
  • 1950 के दशक के अंत मे, चीन की सरकार ने लाखों गौरैयों को मारने का अभियान शुरू किया, क्योंकि गौरैये फसल खा जाया करते थे लेकिन इस अभियान के खत्म होते ही नतीजे इसके उल्टे आये क्योंकि लाखो गौरैयों को मारने के बाद चीन में फसल खाने वाले कीड़ो की संख्या में बहुत वृद्धि हो गयी और इस कारण हालात अकाल जैसे हो गए थे।
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Interesting Facts About Sparrow in Hindi

  • दोस्तों चिड़ियों को सबसे ज्यादा खतरा कुत्ते बिल्ली सांप और लोमड़ी से होता है क्योंकि ज्यादातर यही जानवर चिड़ियों का शिकार करते हैं।
  • दोस्तों अपने जन्म के 15 दिन बाद ही एक चिड़िया इतनी काबिल हो जाती है की वो अपना घोसला छोड़ सके।
  • दोस्तों चिड़िया एक घरेलू पक्षी है और ये इंसान के करीब रहना काफी ज्यादा पसंद करती है।
  • यह नन्ही चिड़िया अब कहीं –कहीं ही देखने को मिलती है इसका भविष्य पूरी तरह ख़तरे में मंडरा रहा है और गौरया को एक बार फ़िर से बुलाने के लिए हमें अपने घरों में उनके घोंसलों के लिए थोड़ी सी जगह उपलब्ध करवानी होगी ताकि वहां अपना घोंसला बनाकर आसानी से अंडे और बच्चों को जन्म दे सकें।
  • चिड़िया पहाड़ी इलाकों में बहुत कम देखने को मिलती है।
  • चिड़िया की लंबाई लगभग 14 से 16 सेंटीमीटर तक होती है।
  • दोस्तों चिड़ियों को अलग अलग जगहों पर अलग अलग नामों से पुकारा जाता है जिनमे चिड़ी चिमनी चकली चेर जैसे नाम शामिल हैं।
  • दोस्तों चिड़िया की एक ऐसी प्रजाति है जो काफी सुस्त रहती है और शायद ही वो अपने जन्मस्थान से दूर जाती है।
  • इसका मुख्य कारण घौंसलों के लिए उचित स्थानों की कमी का होना, पेड़ पौधों की तेज़ी से होती कटाई। 
  • हर वर्ष 20 मार्च को गौरया दिवस मनाया जाता है। ताकि लोगों में इस नन्हे से पक्षी के प्रति जागरूकता (Awareness) बढ़ सके।
  • नन्ही सी चिड़िया को अलग -अलग जगहों पर अलग अलग नामों से पुकारा जाता है जैसे चिड़ी , चिमनी ,चकली ,चेर आदि।
  • गौरैया के बहुत कम अंडों में माता-पिता दोनों का डीएनए होता हैं। ज्यादातर में केवल उनके माँ का डीएनए होता हैं।
  • अधिकांश गौरैया सुस्त होते हैं, वो शायद ही कभी अपने जन्मस्थान से 2 किलोमीटर (1.2 मील) से दूर उड़ते हैं।
  • भले ही इनकी गिणती पानी के पक्षियों में नही होती, लेकिन फिर भी इनमें तैरने की क्षमता होती हैं। एक जगह से दूसरे जगह जाने के लिए ये पानी के अंदर ही अंदर तैरते हैं।

About Sparrow in Hindi

  • गौरैया एक छोटा सा पक्षी है, जो लगभग संपूर्ण एशिया और यूरोप महादेश में पाया जाता है। यह पक्षी मुख्यतः ग्रामीण इलाकों में पाया जाता है, क्योंकि ग्रामीण 
  • वर्तमान समय में यह पक्षी कई कारणों की वजह से विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गई है। इस कारण विश्व भर में इस पक्षी के संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
  • भारत के अलावा यह पक्षी लगभग संपूर्ण विश्व में पाया जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत तो यह है कि यह अपने भोजन की तलाश में कई-कई किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है।
  • गौरैया की आवाज (voice of sparrow) बहुत ही मधुर और सुरीली होती है। इस पक्षी के घटते संख्या का एक कारक मनुष्यों द्वारा मांस के लिए इसको मारना भी है।
  • जैसे-मादा गोरैया भूरे रंग की होती है, जबकि नर गौरैया का रंग भूरा ही होता है परंतु उसके गर्दन पर काली पट्टी होती है। यह एक सर्वाहारी पक्षी है , क्योंकि 
  • अगर समय रहते इस पक्षी के संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया तो अवश्य ही यह अन्य जीवो की तरह हमारी पृथ्वी पर से विलुप्त हो जाएगी। हमें इस नन्हीं-सी जीव के संरक्षण हेतु हर संभव प्रयास करनी चाहिए।
  • सामान्य रूप से एक गौरैया का जीवनकाल 4 से 7 वर्षों का होता है। गौरैया एक सर्वाहारी पक्षी के श्रेणी में गिना जाता है। यह उन पक्षों में शुमार है जो विश्व भर में पाया जाता है।
  • यह बहुत ही फुर्तीली होती है। गोरैया आमतौर पर पहाड़ी इलाकों में कम दिखती है। गौरैया कई कारणों की वजह से आज विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गई है।
  • जहां तक गौरैया के निवास स्थान की बात है तो, गौरैया मुख्य रूप से पेड़ों पर ,कच्चे घरों में घोसला बनाकर रहती है। यह पक्षी भारत में मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक और शहरी क्षेत्रों में कम दिखाई देता है । आज गोरैया शहर से लगभग विलुप्त हो चुकी है।
  • गौरैया उन पक्षियों में से एक है, जिनका प्रजाति लगभग पूरे विश्व में पाया जाता है। अभी तक हुए खोज के अनुसार वैज्ञानिक ने गौरैया के 43 प्रजाति होने की बात कही है।
  • घोसला बनाने की जिम्मेदारी मेल चिड़ियों की होती है।
  • चिड़िया दिल्ली और बिहार की राष्ट्रीय पक्षी है।
  • दोस्तों चिड़िया मांसाहारी होते हैं और ये छोटे कीड़ो को खाना पसंद करते हैं लेकिन ये फल जामुन और बीज भी खा सकते हैं।

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